ARARIA अररिया ﺍﺭﺭﯼﺍ

~~~A showery district of north-eastern Bihar (India)~~~ www.ArariaToday.com

  • ARARIA FB LIKE

  • Recent Comments

    Masoom on Railway Time Table Araria…
    Raman raghav on Sri Sri 108 Mahakali Mandir…
    parwez alam on Railway Time Table Araria…
    ajay agrawal on Araria at a glance
    Tausif Ahmad on Railway Time Table Araria…
    aman on Thana in Araria – Police…
  • स्थानीय समाचार Source Araria News

    http://rss.jagran.com/local/bihar/araria.xml Subscribe in a reader
    Jagran News
    Local News from Kishanganj, Purnia and Katihar
    इन्टरनेट पर हिंदी साहित्य - कविताओं, ग़ज़लों और संस्मरणों के माध्यम से
    इन्टरनेट पर हिंदी साहित्य का समग्र रूप Saahitya Shilpi
    चिटठा: यादों का इंद्रजाल


    मैंने गाँधी जयंती पर एक संकल्प लिया! आप भी लें. यहाँ पढ़े
  • Recent Posts

  • Historial News towards Development

    (ऐतिहासिक क्षण ) # Broad Gague starts at Jogbani-Katihar Rail lines. रेलमंत्री द्वारा हरी झंडी दिखाने के साथ ही नयी लाइन पर जोगबनी से कोलकाता के लिये पहली रेल चल पड़ी। # Thanks a ton to Railway deptt.
  • RSS Hindikunj Se

    • वर्णमाला के अक्षर
      वर्णमाला के अक्षर 'क'कमल खिला जब पानी में,करवट बदली तब हवा ने ,कमान से निकला तीर है,कमाल कर दिया आपने |'ख'खाली-खाली डिब्बा है,खाने की कोई चीज नहीं,खिड़की से बाहर देखो,खरगोश फुदक रहा है |'ग'गरम-गरम जलेबी है,गिलास में थोड़ा पानी है,गलत बरताव नहीं करते,गरीब को कभी नहीं सताते|'घ'घर के अन्दर आ जाओ,घन बरस रहे है,घमासान युद्ध छ […]
      Ashutosh Dubey
    • हनुमान आरती
      हनुमान आरती हनुमान जी आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्टदलन रघुनाथ कला की॥१जाके बल से गिरिवर काँपै। रोग-दोष जाके निकट न झाँपै॥२अंजनि पुत्र महा बलदाई। संतन के प्रभु सदा सहाई॥३दे बीरा रघुनाथ पठाये। लंका जारि सीय सुधि लाये॥४लंका सो कोट समुद्र सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई॥५लंका जारि असुर सँहारे। सियारामजी के काज सँवारे॥६लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे। आनि सजीवन प्रान उब […]
      Ashutosh Dubey
    • ॐ जय जगदीश हरे
      ॐ जय जगदीश हरेॐ जय जगदीश हरेस्वामी जय जगदीश हरेभक्त जनों के संकट,दास जनों के संकट,क्षण में दूर करे,भगवान विष्णुॐ जय जगदीश हरेजो ध्यावे फल पावे,दुख बिनसे मन कास्वामी दुख बिनसे मन कासुख सम्पति घर आवे,सुख सम्पति घर आवे,कष्ट मिटे तन काॐ जय जगदीश हरेमात पिता तुम मेरे,शरण गहूं मैं किसकीस्वामी शरण गहूं मैं किसकी .तुम बिन और न दूजा,तुम बिन और न दूजा,आस करूं मैं जिसक […]
      Ashutosh Dubey
    • कैशलेस इकोनॉमी
      भारत कैशलेस अर्थव्यवस्था की दिशा में बढ़ा भारत देश से काले धन को ख़त्म करने के लिए भारत सरकार ने 500 और 1000 के नोटों को बंद कर दिया है और कैशलेस यानि बिना नकदी इस्तेमाल किए लेनदेन और ख़रीद फ़रोख्त के काम को बढ़ावा दिया जाने का सलाह दिया जा रहा है. नोटबंदी के बाद ये चर्चा है की हिंदुस्तान कैसेलेस अर्थव्यवस्था की और बढ़ रहा है। कैशलेस अर्थव्यवस्थावित्तमंत्री अर […]
      Ashutosh Dubey
    • विस्‍तार
      विस्‍तारविस्‍तार अगर पाना है तोख़ुद को लघुतम करना ही होगावृक्ष रूप को पाना है तोख़ुद बीज रूप में ढलना ही होगाऔर महामानव बनना ही है तोमानव-अणु  बनना ही होगा ।    ................................................... बातीजगर-मगर कर जगर-मगरजल-जल बुझती मन की बातीकभी जलाती होली सी औरकभी सुहाती दीवाली सी बातीतन-रूपी माटी के दीपक मेंप्रकाश-पुंज सी सिमटी बातीआकाश-रूप […]
      Ashutosh Dubey
    • जीयें आप
      जीयें आपकितनी मीठी है ये दुआ। कितना सुन्‍दर है यह आशीष । ये शब्‍द झंकृत कर सकते हैं किसी के भी हृदय, मन और आत्‍मा को । शायद जीवन के सबसे बड़े आशीषों में से एक है बल्कि सबसे बड़ा आशीष है । लेकिन जो जीवन के पार निकल जाए उसके लिए कितनी सार्थक है यह शब्‍द ध्‍वनि ।  शरीर से जीवित रहना ही तो जीवन नहीं है । जब भी कोई दीर्घायु होने की दुआ देता है तो लगता है कि कितनो […]
      Ashutosh Dubey
    • काकी
       काकीगाँव की हलचल की बात ही कुछ निराली है | गांव का वातावरण मन मोह लेता है लेकिन उससे ज्यादा कहीं काकी की बातें ज्यादा मन मोह लेती है | काकी से जब मिलता हूँ तो लगता है कि वास्तव में हमारी काकी में दम है | बहुत ही सहजता लिये हुये अगर हमारी काकी जैसी काकी सबको मिले तो हर समय सावन झूमता रहे | मन मयूर हुआ रहे | रातों रात किस्मत चमक जाये | कितना सुंदर अट्टहास | ज […]
      Ashutosh Dubey
    • जीवन की परिभाषा
      जीवन की परिभाषामैंने पूछा एक कली से , "आपके ख्याल मे जीवन की परिभाषा क्या हैं "कली मुस्काई और बोली  ,"मेरे जीवन की तो यही परिभाषा हैं  ,मैं दुःख मे भी सुख का अनुभव करती हूँ  ,काँटे मेरे संग हैं फिर भी किसी से नहीं डरती हूँ जब बारीश की बूँदों की चोट मैं सहती हूँ  ,शिकायत नहीं करती उससे नवयौवना सी रहती हूँ  ,सर्द हवा कभी गर्म हवा के मैं  थपेडे ख […]
      Ashutosh Dubey
    • पर्यावरण मित्र ट्रेन
      हाइड्रोजन से चलने वाली पर्यावरण-मित्र ट्रेन : जर्मनी की कोराडिया आईलिंटडॉ. शुभ्रता मिश्राजब भी विज्ञान के क्षेत्र में कोई नया अविष्कार होता है, तब मानव सभ्यता दोगुना गौरवांवित अनुभव करती है। वैसे तो विश्व के वैज्ञानिक जाने कितने छोटे बड़े अविष्कारों और खोजों में दिनरात लगे रहते हैं और कितनी ही ऐसी खोजें होती हैं, जिनके बारे में लोगों को ज्यादा अभिरुचि भी नही […]
      Ashutosh Dubey
    • सामायिक परिदृश्य और कथा स्रष्टा - प्रेमचंद
      ​सामायिक परिदृश्य और कथा स्रष्टा - प्रेमचंद महेन्द्रभटनागर रांगेय राघव, अमृतराय और धर्मवीर भारती की पीढ़ी के लेखक हैं। उन्होंने प्रायः सभी प्रमुख विधाओं में अपनी अभिरुचि एवं रचनात्मक सक्रियता का परिचय दिया है। लेकिन उनका मुख्य क्षेत्र काव्य और आलोचना ही रहा है। मुझे याद है, पचास के दशक में जब मैंने साहित्य और संस्कृति की दुनिया में आँखें खोलीं, महेन्द्रभटनागर […]
      Ashutosh Dubey
  • Month Digest / अभिलेखागार

  • Total Visits

    • 191,926 hits
  • Follow ARARIA अररिया ﺍﺭﺭﯼﺍ on WordPress.com

बाढ़ का कहर – ये सुनामी से कम नहीं.

Posted by Sulabh on August 26, 2008

बाढ़बाढ़बाढ़…! तबाहीतबाहीतबाही… !!राहत कार्य प्रभावी नही ! मौत का कहर जारी !!

 

 

मित्रो,

आपसे विनती है यह ख़बर सुनकर सिर्फ़ इसे मीडिया का ख़बर न समझे. स्थिति बहुत ही त्रासद है. आपको याद होगा २६ दिसम्बर २००४ को भारत के दक्षिण तटवर्ती क्षेत्रो में भयानक सुनामी आई थी और हजारो लाखो की संख्या में लोग जलमग्न हो गए थे. फिर केन्द्र सरकार ने इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित कर राहत एवं बचाव कार्यों में तेज़ी लायी गयी थी. लेकिन इस साल (अगस्त माह) उत्तरपूर्वी क्षेत्रों (विशेषकर बिहार के सीमावर्ती जिलो) में भयानक बाढ़ तेज़ी से फ़ैल रही है. अब तक लाखो की तादाद में लोग बेघर हो चुके है. हजारो मारे जा चुके हैं. दुःख की बात यह है की ये वही क्षेत्र है जहाँ हर साल (जुलाईअगस्त के महीने में) बाढ़ की आशंका बनी रहती है. नेपाल से आने वाली कोसी नदी हर साल बिहार में तबाही मचाती है. लेकिन इस साल तो यह प्रलयंकारी रूप में तेज़ी से बढ़ रही है. और हमारे सिस्टम में इसका कोई इलाज़ नही है. जी हाँ आ बैल हमें मारहर साल मार. क्योंकि हम अंधे हैं, बहरे हैं, हम वोट की राजनीति में इतने मग्न हैकी हमे अपना जलमग्न क्षेत्र दिखाई नही देता. हर साल बाढ़ में लोगो के मरने की ख़बर हमारे लिए सिर्फ़ ख़बर होती है. अगले साल हिसाब किया जाएगा की पिछले बाढ़ में कितनी क्षति हुई, कितने गांवओ का कितना नुक्सान हुआ. बला बला ब्लाह ..

जी हाँ आपने नही सुना. कोई बात नही दिल्ली में रहने वाले हमारे जन प्रतिनिधि भी खामोश है. वैसे यहाँ की मीडिया तेज़ है. कोई बात नही जब मरने वालो की संख्या लाखो लाख में पहुँचेगी तब इस बाढ़ ( इस प्रलाय्नाकारी बाढ़) को राष्ट्रीय आपदा क्षेत्र घोषित किया जायेगा. फिर जाकर बचाव दल की टीम युध्स्तर पर काम करेगी. अभी इतनी जल्दी क्या है. अभी तो चुनाव की रणनीतियां बनाने का समय है. माना की स्थिति भयावह है मगर मौत के आकडे इतने जोरदार नही की देश के लिए यह मुख्य ख़बर बन जाए. थोड़े दिन और इंतज़ार कीजये – कहर का स्तर सुनामी जैसा हो जाये फिर तो इंटरनेशनल मीडिया भी दस्तक देंगे. बचाव दल और राहत सामग्री में पड़ोसी राष्ट्र भी हाथ बटायेंगे. अभी इतनी जल्दी क्या है.

Heavy Foold in Bihar
Heavy Foold in Bihar

 

आदरणीय प्रधानमन्त्री जी – आपसे विनती है.

राष्ट्रीय स्तर के जिस बचाव कार्य दल को आप कुछ दिनों बाद निर्देश देंगे, प्रभावित क्षेत्र को तत्काल मदद की ज़रूरत है. कृपया कुछ कीजये वरना तबाही का नज़ारा लिखने लायक नही रहेगा. हमारा भारत जो अभी अभी ६१वा वर्षगाँठ मनाया और हम विकासशील देश से विकसित देश बनने के सपने देख रहे हैं. सारे सपने ध्वस्त हो जायेंगे.

बाढ़बाढ़बाढ़…! तबाहीतबाहीतबाही… !!

 

राहत कार्य प्रभावी नही ! मौत का कहर जारी !!

9 Responses to “बाढ़ का कहर – ये सुनामी से कम नहीं.”

  1. Vikash said

    बाढ़… बाढ़… बाढ़…! तबाही… तबाही… तबाही… !!
    बाढ़… बाढ़… बाढ़…! तबाही… तबाही… तबाही… !!

    jina yahan marna yahan,
    iske siva jana kahan !!

    apne mrne srn jebhu ho bhai,
    koai kekro dekhe vala ne khe h…

    sab t aapan aapan rajnitik ke roti seke me lagal hai,
    rowa dubi t ka hoi, srkar t n dubi!!

    jindgi ak jang hai kabhi khushi kbhi gam hai!!

  2. Yogendra Joshi said

    आप किससे उम्मींद लेकर बैठे हैं ? राजनैतिक कलाकारों से ? या संवेदनाहीन केवल अपने हितों के प्रति सचेत जनसमुदाय से ? यह लूटतंत्र है लूटतंत्र, लोकतंत्र नहीं !! यहां आपदाएं कइयों के लिए वरदान बनकर आती हैं, जिन्हें शासक हों या प्रशासक भुनाने निकल पड़ते है । उन्हें मालूम है कि लोग बचें या मरें, उनकी गाड़ी हर हाल में बखूबी चलती रहेगी । और अगर आप भी कभी विकसित देश बन जाने का ख्वाब देखते हों तो मैं रोक नहीं सकता । लेकिन याद रखें कुछ नारे लोगों को निरंतर बेवकूफ बनाने के लिए इजाद किये जाते हैं और उन्हीं में से यह भी एक है । — योगेन्द्र

  3. संगीता पुरी said

    हां कई दिनों से टी वी पर देख रही हूं………..बहुत ही खराब स्थिति ह, वहां, पता नहीं लोग कैसे जी रहे हैं वहां पर ………सरकार बिल्कुल सोयी हुई लगती है।

  4. Yes, situation is really out of control. many persons especially from village area or poor people is effected. And counting is just going on. Government is taking action in some ways but water is more so they also have some problem to work. One of my friend for disaster control is going there (saharsha) with relief team. His name is GOPAL MADHAV. His Mobile no is +919430283682 . Anybody can be in touch for some help.
    Thanks

  5. rishav said

    hume khud se ummid karni chaia
    sarkar ka kya hai jab dekho tab vote ki rajniti karne pahunch jate hain sara sal koi fund nahi milta jab sar pe parta hai to muabja rupi bhik leke pahunch jata hain hume khud ek hokar is se jhujhana hoga

  6. ashok said

    do something help for people affected by flood in araria-ASHOK FROM JAHANPUR ARARIA

  7. Subhash Suman said

    Halat to bahut buri hai yaha pe, maine khud yaha badh pirito se baat ki hai. Unka kehna hai ki ab Jine ka koi sahara nahi bacha hai. Jaisa ki hum log jante hai yaha ka logo ka mukhya kam Kheti hai jo ki puri tarah Pani me dub chuki hai, fasal barbad ho chuka hai. Rahat campo se kya hoga ? Wo bas tatkal sahara de sakti hai per Zindagi bhar nahi.

  8. ranbeer said

    araria bahut hi khub surut jagah hain . aur yaha pe bahut

  9. emlak said

    emlak…

    […]बाढ़ का कहर – ये सुनामी से कम नहीं. « ARARIA अररिया ﺍﺭﺭﯼﺍ[…]…

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

 
%d bloggers like this: