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4 मार्च फणीश्वर नाथ रेणु के जयंती के मौके पर (4 March Fanishwar Nath Renu Birth Ceremony, Araria)

Posted by Sulabh on March 5, 2010

Report by Jagran News source:

अररिया । अमर कथा शिल्पी फणीश्वरनाथ रेणु की जयंती जिले में धूमधाम से मनायी गयी। परन्तु अपने ही घर में रेणु की प्रतिमा उपेक्षित रही। वहीं प्रशासनिक स्तर पर कोई भी कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाने से साहित्यकारों में मायूसी रही। रेणु की 90 वीं जयंती पर पेंशनर भवन में श्रद्धांजलि गोष्ठी का आयोजन किया गया। अररिया से जाटी के अनुसार कथा शिल्पी फणीश्वर नाथ रेणु की जयंती पर रेणु सांस्कृतिक मंच के तत्वावधान में बुधवार को रेणु कुंज परिसर में श्रद्धांजलि सह भजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गुरुवार को व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ताओं ने लोक अभियोजक केएन विश्वास के नेतृत्व में रेणु कुंज पार्क में स्थापित रेणु की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। मौके पर वक्ताओं ने फणीश्वर नाथ रेणु के जीवनी और उनके साहित्यिक विचारों का बरबन्ना भी किया गया। मौके पर सुदन सहाय, अधिवक्ता देबू सेन, महेश्वर शर्मा, कृपानन्द मंडल, प्रभा कुमारी, अशोक मिश्रा, श्याम लाल यादव, एनपी गुप्ता, प्रकाश कुमार झा, नगर थानाध्यक्ष, रामाशंकर सिंह समेत कई बुद्धिजीवी, समाज सेवी मौजूद थे।

phanishwar-nath-renu hindi saahityakaar

अररिया से निप्र के अनुसार दो सत्र में आयोजित कार्यक्रम के प्रथम सत्र में रेणु जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजिल अर्पित की गयी। मौके पर जिला कल्याण पदाधिकारी सत्येन्द्र नारायण चौधरी, डा. सुशील कुमार श्रीवास्तव, भोला पंडित प्रणयी, डा. चन्द्रेश एवं ओम प्रकाश सोनू ने देख चम चमा चमके रेणु जी के नगर लोकगीत गाया।

फारबिसगंज से हप्र के अनुसार इन्द्रधनुष साहित्य परिषद के तत्वावधान में अमर कथा शिल्पी फनीश्वर नाथ रेणु की जयंती डा. विद्या नारायण ठाकुर की अध्यक्षता में समारोह पूर्वक मनायी गयी। विनोद कुमार तिवारी ने रेणु जी से जुड़े स्मारकों की अवहेलना पर चिंता व्यक्त किया। मौके पर कर्नल अजित दत्त, उमाकांत दास, डा. एमएल शर्मा, डा. डीएल दास, कृत्यानन्द राय, राज नारायण प्रसाद, हेमंत यादव, श्रीवास सिंह, तारानन्द मंडल आदि उपस्थित थे। रेणुग्राम से जाप्र के अनुसार अमर कथा शिल्पी फणीश्वर नाथ रेणु की जयंती के मौके पर गुरुवार को सिमराहा बाजार स्थित उनके आदमकद प्रतिमा पर रेणुगांव प्रखंड निर्माण संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष सह लोक अभियोजक केएन विश्वास द्वारा माल्यार्पण किया गया। मौके पर शशिनाथ यादव, मनोज ठाकुर, दिलीप पटेल, संजय मंडल, संजय ऋषिदेव, अमित खान आदि उपस्थित थे।

इधर, रेणु जयंती के अवसर पर अपने घर में ही कथा शिल्पी उपेक्षित रहे। सिमराहा बाजार स्थित रेणुगांव चौक पर लगी आदमकद प्रतिमा उपेक्षित नजर आयी। इनकी जयंती व पुण्यतिथि को राजकीय कार्यक्रम घोषित किया है। परन्तु सरकारी स्तर पर कोई भी कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया। यही नहीं राजनेता भी रेणुजी की सुधि लेना मुनासिब नहीं समझा।

उत्तर बिहार का यह समूचा क्षेत्र बाढ़ ग्रस्त है, यहाँ अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया. मजदूर, किसान, लघु व्यापारी पलायन को मजबूर हैं…कुछ पंक्तियाँ यहाँ प्रस्तुत है, सुलभ जायसवाल की कलम से..

ठोकरें खाती सांस है
जिंदगी बदहवास है

मंजिल को ढूंढ़ रहा
सफ़र थका उदास है

बाढ़ ने बेघर किया
अब परदेस में वास है

महंगाई सरपर खेल रही
किसको भूख प्यास है

जूतों तले रौंदा गया
कमजोर लाचार घास है

आंसू भी कैसे निकले
बच्चे आस पास है

मेले में घूमते नारे-वादे
गुम हुआ विकास है

अगली पंक्तियाँ हमारे वर्तमान सरकार के लिए, जिनके सामने राष्ट्राभिमान की कोई कीमत नहीं है…


दुश्मन संधि कर लेंगे ?
अबकी कूटनीति खास है

बम बारूद से घिरा भारत
बहादुर जवानों पर आस है

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2 Responses to “4 मार्च फणीश्वर नाथ रेणु के जयंती के मौके पर (4 March Fanishwar Nath Renu Birth Ceremony, Araria)”

  1. sushant said

    बहुत अच्छा….its really a suitable and better lyrics on our today’s era.

  2. pappu said

    great…great….we proud of great writer PHANISHWARNATH RENU JI renu ji just ICON is not only purnea parmandal or BIHAR as well as too all over INDIA.

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