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Few things to reform our Education system & Health in Poor India.

Posted by Sulabh on June 25, 2009

#Participate in this campaign if you like –

Before saying main issue first I would like to remind a story of
student. A small city student who thinks about builds and improves our
nation and its systems. After every events and class sessions which
was related to “How we can serve our country and society”. Student
Sulabh used to think deeply and was trying to write down something.
Those days the intention was to grab high marks amongst class mates.

After few years he saw a Red Light (Govt. D.S.P. Gypsy) Jeep is used
to pick up and drop a school boy at the time of school prayer and
final bell ring. The school was a simple public school situated nearby
one government primary and middle school. Sulabh thinks again this is
not fair. There are many poor children studying in both kind of schools
(Private and Govt.) as well. Gradually, public school became popular
and progressing fast and the situation of govt schools looks poor.
Today everywhere if we see maximum percentage of students in such
govt. schools is belonged to families of bottom line society.

Sulabh used to discuss with few people and friends, I think there
would be a rule “Public schools should be only open for business men,
private professionals etc. and kids of all govt. staffs and officers
must go govt. schools. Off course with all facilities (whatever free
for them as he getting in govt. offices and houses).” Kendriya
Vidyalay Sangathan (Central school in India) is very good example.

Today I feel immensely and want to ask loudly – Is there any need of
such rules??

If there would be law, everything will be automatically aligned and
people will have faith on govt. organizations. Specially for schools
and Hospitals. There are many govt. schools and hospitals running in
India without teacher, without doctor, without house and with lack of
other facilities. BUT THE TRUTH IS GOVERNMENT HAS GOOD BUDGET IN OUR
SYSTEM.

The reason is the person who belongs to services in either fourth
grade staff or they are first class gazetted officer. NOBODY WANTS TO
SEND THEIR KIDS IN GOVT SCHOOLS OR DON’T WANT TO GO GOVT HOSPITALS FOR
ANY AID.

Reply “YES” if you support…

Thanks

Sulabh Jaiswal
readers-online@googlegroups.com
sulabh.jaiswal@yahoo.com

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