ARARIA अररिया ﺍﺭﺭﯼﺍ

~~~A showery district of north-eastern Bihar (India)~~~ www.ArariaToday.com

  • ARARIA FB LIKE

  • Recent Comments

    Dr.Asim Prakash on Doctors, Hospitals in Ara…
    anish shahi on Sri Sri 108 Mahakali Mandir…
    Masoom on Railway Time Table Araria…
    adi sah on Sri Sri 108 Mahakali Mandir…
    Raman raghav on Sri Sri 108 Mahakali Mandir…
    parwez alam on Railway Time Table Araria…
  • स्थानीय समाचार Source Araria News

    http://rss.jagran.com/local/bihar/araria.xml Subscribe in a reader
    Jagran News
    Local News from Kishanganj, Purnia and Katihar
    इन्टरनेट पर हिंदी साहित्य - कविताओं, ग़ज़लों और संस्मरणों के माध्यम से
    इन्टरनेट पर हिंदी साहित्य का समग्र रूप Saahitya Shilpi
    चिटठा: यादों का इंद्रजाल


    मैंने गाँधी जयंती पर एक संकल्प लिया! आप भी लें. यहाँ पढ़े
  • Recent Posts

  • Historial News towards Development

    (ऐतिहासिक क्षण ) # Broad Gague starts at Jogbani-Katihar Rail lines. रेलमंत्री द्वारा हरी झंडी दिखाने के साथ ही नयी लाइन पर जोगबनी से कोलकाता के लिये पहली रेल चल पड़ी। # Thanks a ton to Railway deptt.
  • RSS Hindikunj Se

    • समय कहानी यशपाल
      समय कहानी यशपाल  समय कहानी यशपाल जी द्वारा लिखी गयी है .समय कहानी की कथावस्तु एक ऐसे व्यक्ति पापा से जुड़ा है जो अपनी नौकरी से अवकाश प्राप्त करने वाले हैं .इनका विचार है कि अवकाश प्राप्त करने के बाद जीवन अत्यंत सुखद और आरामदायक होता है क्योंकि कहीं भी आने जाने और किसी से मिलने जुलने का पर्याप्त अवसर रहता है .मजबूरी और आदर्श पालन से मुक्ति जाती है .उनकी समझ मे […]
      Ashutosh Dubey
    • हमारी सोच
      हमारी सोच हमारी सोच बीता हुआ समय हमें बहुत कुछ सिखा जाता है।कुछ ऐसे दृश्य होते हैं, जो चाहकर भी भुलाए नहीं जा सकते जिन्दगी की इस भागमभाग में कई ऐसे नज़ारे देखने को मिल जाते हैं l जिनसे एक माकूल सीख मिलती है l लेकिन मनुष्य का एक स्वभाव नजरंदाज करना भी है l शायद आज हम सभी एक ऐसी दुनियां में खो से गए हैं l जहाँ हम चाहकर भी कुछ सीख नहीं पाते हैं और अच्छी बातों को […]
      Ashutosh Dubey
    • Uttarakhand Civil Judge Syllabus
      उत्तराखंड सिविल जज पाठ्यक्रम Uttarakhand Civil Judge Syllabus  uttarakhand civil judge syllabus 2018 उत्तराखंड सिविल जज Uttarakhand Civil Judge (Junior Division) Examination Syllabus UKPSC Civil Judge Syllabus Syllabus for PCS (J)  Uttarakhand Public Service CommissionUttarakhand Civil Judge Syllabus UKPSC Civil Judge Prelims Exam Pattern 2018 UKPSC Civil Ju […]
      Ashutosh Dubey
    • Bihar Judicial Service Syllabus 2018
      बिहार न्यायिक सेवा सिविल जज   BPSC Judicial Services Syllabus 2018 बिहार न्यायिक सेवा सिविल जज  BPSC Judicial Services Syllabus 2018 बिहार सिविल जज सिलेबस bihar civil judge exam syllabus bihar civil judge syllabus Bihar PSC Civil Judge Syllabus 2018 Bihar PSC Civil Judge Mains Exam Syllabus 2018 BPSC Civil Judge Pre Exam Written Exam Pattern 2018 Bihar PSC 3 […]
      Ashutosh Dubey
    • विंध्यवासिनी स्त्रोत
      विंध्यवासिनी स्त्रोत  vindhyeshwari stotram  विंध्यवासिनी स्त्रोत vindhyeshwari stotram श्री विन्ध्येश्वरी स्तोत्र विन्ध्येश्वरी स्तोत्र की महिमा जगत विखाय्त है .इस स्तोत्र का पाठ करने माँ दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त हो जाता है .व्यक्ति धन ,स्वास्थ्य , सुख, समृद्धि, सौभाग्य और मोक्ष प्राप्त करता है .इसीलिए मनुष्य को विन्ध्येश्वरी स्तोत्र का पाठ प्रातः काल करन […]
      Ashutosh Dubey
    • सारा आकाश उपन्यास में संयुक्त परिवार व्यवस्था
      सारा आकाश उपन्यास में संयुक्त परिवार व्यवस्था सारा आकाश उपन्यास सारा आकाश उपन्यास में संयुक्त परिवार व्यवस्था - सारा आकाश मध्यवर्गीय परिवार का यथार्थ दर्पण हैं .उपन्यासकार श्री राजेन्द्र यादव ने कथा नायक समर के संयुक्त परिवार व्यवस्था को अपनी लेखनी का विषय बनाया है .समर का परिवार लगभग १० सदस्यों का है .इस बड़े परिवार का भरण पोषण करने वाला मात्र एक व्यक्ति धीर […]
      Ashutosh Dubey
    • अपराध की दुनिया
      अपराध  की  दुनिया आस्था आडम्बरयुक्त  हुई धरम-करम घट गया। जोड़ने की शर्त थी  पर टुकड़ा-टुकड़ा बट गया। वैमनस्य कटुता यहाँ  खूब फली फूली रिश्तों में, परिणाम प्रत्यक्ष है आदमी-आदमी से कट गया। ____________________________________ ढूंढ़िये  क़िरदार   ऐसे   भी   मिलेंगे   तथ्य   में। जल जंगल ज़मीन  का  संघर्ष जिनके कथ्य में। इतिहास लिखना शेष है उनके हिस्से का अभी, संदर्भ […]
      Ashutosh Dubey
    • गरीब आदमी
      गरीब मैं हजूर गरीब हूं । सरकारी योजनाओं का लाभ उठाता हूं ।एक रूपये वाला चावल खाता हूं ।क्यों न लाभ उठाऊं भला ...! मेरे लिए ही तो यह योजनाएं बनाई गई हैं । हर साल कईं नई परियोजनाओं की शुरुआत होती है ।जन्म से पहले 'ममता योजना' से लेकर मौत के बाद 'हरिशचन्द्र योजना' तक मेरा जीवन योजनाओं की मोहताज है । गरीब मध्याह्न भोजन है , मुफ्त में पढ़ाई की […]
      Ashutosh Dubey
    • कॉलेज थिएटर हाउस नहीं है
      कॉलेज थिएटर हाउस नहीं है                   कॉलेज किसी भी कीमत पर विद्यार्थियों के लिए मनोरंजन स्थल अथवा राजनीतिक मंच नहीं हो सकते। अगर वे गुरुओं का सम्मान स्वच्छता अपना कक्षा और सौंपा गया काम नहीं कर सकते तब उनको मटरगश्ती या पढ़ाई के प्रति गंभीर रुचि नहीं है तो उन्हें कॉलेज कैंपस मेंनहीं आना चाहिए। अगर आज के माहौल में गुरु शिष्य परंपरा कॉलेज का क्षरण हो रहा […]
      Ashutosh Dubey
    • अकेला दीप
      अकेला दीप  मेरा ही प्यार सहसा मर गया होगा।  तुम्हारा मन इतना निष्ठुर तो नहीं था।  कि झरे हुए अमलतास के फूलों को देख कर.  तुम्हारा वक्ष धड़का न होगा।  वेदना सी प्रखरा यादें तुम्हारी।    अभिसारी स्मृति के सुख से सदा वंचिता सी।   टिमटिमाती ज्योति सी,  प्रमत्त-मन में झूमती वो आशा हमारी।  स्वयंसिद्धा अनवरत ढूंढती तुम्हे।  वो आँखें जो कभी थीं प्याले तुम्हारे  प्रणय […]
      Ashutosh Dubey
  • Month Digest / अभिलेखागार

  • Total Visits

    • 280,636 hits
  • Follow ARARIA अररिया ﺍﺭﺭﯼﺍ on WordPress.com

MLA, MP from Araria and Opinion Poll

Posted by Sulabh on December 11, 2008

Members of Legislative Assembly (MLA)

Data as per Bihar State Assembly Election November 2005

Name of Constituency           Name of Hon. Member                      Party
 
(127)  RANIGANJ (S.C.)        Shri Ramji Das Rishidev                        BJP
 
(128)  NARPATGANJ           Shri Janardan Yadav                              BJP
 
(129)  FORBESGANJ            Shri Laxmi Narayan Mehta                  BJP
 
(130)  ARARIA                       Shri vijay kumar Mandal                     LJP
 
(131)  SIKTI                            Shri Murli Dhar Mandal                      JDU
 
(132)  JOKIHAT                     Shri Manzar Alam                                JDU

Member of Parliyament (MP)

Data as per General Election 

Name of Constituency           Name of Hon. Member                      Party
 ARARIA                                  Mr. Taslim Uddhin                              RJD (May 2014 – )
ARARIA                                   Shri Pradip Singh                                BJP (May 2009 – May April 2014)

——————————————————————————————-

Give your opinion in order to development of Araria district.

[polldaddy poll=”1186625″]

Advertisements

Posted in Administration | Tagged: , , | 3 Comments »

ए-टीम ग्राउण्ड अररिया: जहाँ फुटबॉल का अमिट अध्याय अंकित है

Posted by Sulabh on March 17, 2015

जिला मुख्यालय स्थित नेताजी सुभाष स्टेडियम जो कभी ए-टीम ग्राउंड के नाम से विख्यात था हमें याद दिलाता है बीते छः सात दशक में हुए कुछ ऐतिहासिक टूर्नामेंट्स और समर्पित खिलाड़ियों की। बीसवीं शताब्दी मे अररिया की रत्नगर्भा माटी ने विभिन्न कालखण्डों मे कुछ कर्मठ खिलाड़ियों को जन्म दिया। तात्कालीन समाज मे व्यायाम, शारीरिक शौष्ठव और क्रीडा के प्रति अनुशासन व लगन के परिणामस्वरूप अररिया टाउन क्लब अस्तित्व मे आया। मुख्य रूप से फुटबॉल खेल स्थानीय लोगों के मनोरंजन का माध्यम बना जिसमे क्लब के कुछ उत्कृष्ट खिलाड़ियों एवं अन्य समर्पित प्रबन्धक सदस्यों ने अररिया सब डिवीजन मे फूटबाल को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठा दिलाई.
उन्नीस सौ साठ के दशक में अररिया में ए-टीम के साथ साथ दर्जन भर जूनियर टीमें खेला करते थे. सन 1963 में अनुमंडल अधिकारी रन बहादुर सिंह जी एवं आयोजकों ने फुटबॉल मैचों में आम लोगों की अभिरुचि को देखते हुए मोहम्मडन स्पोर्ट्स क्लब और अररिया स्पोर्ट्स क्लब के खिलाड़ियों का समागम किया। उन दिनों जौर्ज टेलीग्राफ, चुवेदों क्रिस्टोफर, की टीमो दौरा अररिया मे हुआ। 1984 मे पूर्व के वरिष्ठ और जोशीले खिलाड़ियों के नाम पर चार गेट का निर्माण कराया गया. स्टेडियम के उत्तर दिशा में मुख्य नोनी द्वार, डाक बँगला छोड़ पर नेती द्वार, पूरब में कबीर द्वार और पश्चिम छोड़ पर समद द्वार क्रमश: नोनी सेन, नेती यादव, कबीर उद्दीन और सैयद अब्दुस समद की स्मृति में चिन्हित है. महान खिलाड़ी समद को बंगाल में फ़ुटबाल जादूगर के रूप में जाना जाता है.

 

हीरा बाबू, नोनी सेनगुप्ता, भोला बाबू, नेपी सेनगुप्ता, राम चंद्र (गोलकीपर),  कबीर उद्दीन, अब्दुल हफीज उर्फ पहाड़ी जी, प्रदूभन सिंह (हेड मास्टर), मीर एनुल हक़ उर्फ समधी जी, सुरेश ठाकुर, माणिक दा, मोहम्मद साहेब इत्यादि खिलाड़ियों ने अपने सुनहरे दौर मे मैच जिताऊ खिलाड़ी बने। रायगंज बंगाल के टूर्नामेंट्स मे अररिया फुटबाल का सिक्का कुछ इस तरह जमा कि दिग्गज कलकत्ता टीम भौंचक्की रह गयी। नोनी दा की अगुआई मे समधी जी, पहाड़ी जी, कबीर दा एवं टीम के अन्य खिलाड़ियों ने कलकत्ता टीम को हराकर समूचे बिहार बंगाल मे अररिया स्पोर्ट्स क्लब को प्रतिष्ठित कर दिया।

अररिया टाउन क्लब के इस ग्राउंड पर पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के धड़ान, धुबी, मलाया, बिराटनगर की टीमों के साथ राजा गढ़बनेली, भागलपुर, मुंगेर, बेगूसराय, सहरसा की टीमों ने मैच खेले।      अररिया के खिलाड़ियों ने अपना डंका बहुत दूर दूर तक बजाया कबीर जी, पहाडी जी, समधी जी जैसे विलक्षण खिलाड़ियों ने रायगंज (प.बंगाल) और कोसी क्लब सहरसा मे विशेष स्थान प्राप्त किया। मुन्ना दा (पेशकार), मुश्ताक, फकरू जमाँ, गयास, अलाउद्दीन मुंशी, मोहन श्रीवास्तव, फुना इस्राइल, नसीम भाई, गैयारी के समशुल और मोकरम, आंध्रा क्लब मे शामिल होने वाले मुन्ना गोलकीपर को आज भी जिला वासी याद करते हैं।

 

सत्तर के दशक मे कुट्टू दा, डोरिया के रहीम, महफूज भाई एवं अन्य ने लंबे समय तक फूटबाल को सिरमौर बनाए रक्खा। टाउन क्लब के लिए खेलने वाले स्थानीय खिलाड़ियों में जैनूल आबदीन, महमूद, मुन्ना दा, अतहर हुसैन, मुश्ताक, मुन्ना गोलकीपर, अजय सेनगुप्ता, नानु दा, फरीद अंसारी, मंजूर आलम, मीर मंसूर, मसूद आलम, नसीम, हुसैन एवं अन्य का योगदान उल्लेखनीय है. नब्बे के दशक में सुभाष प्रसाद यादव, सरवर, बिजय जैन, फ़िरोज़ आलम  जैसे प्रतिभाशाली और समर्पित खिलाड़ियों ने इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट्स खेलते हुये जिले का नाम रौशन किया है. फ़िरोज़ आलम एक उत्कृष्ट गोलकीपर के रूप में याद किये जाते हैं.

अस्सी के दशक में इस ग्राउंड पर नेताजी सुभाष फुटबाल टूर्नामेंट का आयोजन होता रहता था जिसमे दूर दूर से चलकर आम दर्शक चार आने आठ आने की टिकट खरीद  मैच का लुत्फ़ उठाते.  पड़ोस के बंगाल क्षेत्र दालकोला, रायगंज के मैदानों पर मैच देखने भारी संख्या में लोग जमा होते थे. अररिया और यहाँ के खिलाड़ियों को मिल रहे निरंतर सम्मान से उत्साहित हो कर क्लब ग्राउंड पर चाहर दीवारी का निर्माण कराया गया जिसमे सदस्य श्री सेनगुप्ता जी, एस.एन. शरण जी एवं पूर्व एस. डी. ओ. विजय प्रकाश जी ने अपना योगदान दिया है। सांसद मंत्री डूमर लाल बैठा, अधिकारी यु.के.सिंह, ए.के. सरकार, बी.प्रधान इत्यादि के सहयोग से विजय स्टैंड, रन बहादुर स्टैंड, यूथ सेंटर और शेड्स का निर्माण कार्य संपन्न हुआ. साल 2004 मे उत्तर पूरब दिशा मे एक पवेलियन भी बनाया गया। स्थानीय सांसद विजय मण्डल और सुकदेव पासवान ने स्टेडियम के विस्तार मे सहयोग किया है.

1990 मे ज़िला बनने के बाद खेलकूद को स्तरीय बनाने की दिशा मे पूर्व डी.एस.ए. सचिव ज़ाहिद हुसैन जी, मार्केटिंग ऑफिसर अंसारी साहब के प्रयास सराहनीय हैं। बीते दो दशक मे इस ग्राउंड पर क्रिकेट लीग भी खूब खेले गए, जिसके आयोजन मे सत्येंद्र नाथ शरण, फुटबाल रेफरी राजेन्द्र प्रसाद यादव, डी.के. मिश्रा एवं गोपेश सिन्हा निरंतर सक्रिय रहे। इसी  ऐतिहासिक ए-टीम ग्राउण्ड पर अभ्यास करने वाले तीव्र गति के किशोर धावक शाहिद ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं मे ढेरो मेडल जीते हैं। डिस्ट्रिक्ट लीग खेलने वाले आल राउंडर क्रिकेटर रविशंकर दास और ओमप्रकाश जायसवाल अपने बेहतरीन प्रदर्शन के बल पर बिहार स्टेट टीम में चयनित हुए. वर्तमान डी.एस.ए. सचिव मोहम्मद मासूम रज़ा भी मानते हैं कि अररिया ज़िले मे प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, अपने यहाँ भी ओलंपिक स्तर के खिलाड़ी हैं केवल आवश्यकता है उन युवा रत्नो की खोज कर तराशने की।

 

आज स्थानीय नेताजी स्टेडियम का महत्व व्यापक हो चला है. गुजरे दिनों में इस ग्राउंड पर कव्वाली, नाटकों का मंचन होता रहा है. कवि सम्मेलन, मुशायरे के बहाने भी स्टेडियम का मुख्य मंच अतिथियों और मेज़बानों का मिलन स्थल बना. ज़िला प्रशासन द्वारा आयोजित स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस समारोह के हम सभी साक्षी हैं.  स्टेडियम में समय समय पर विभिन्न प्रदर्शनी प्रतियोगिताओं, मेले एवं जागरूकता अभियानो के बैनर बांधे गए. यह ग्राउंड महिला फुटबाल टूर्नामेंट के आयोजनो का भी गवाह है. परोसी राष्ट्र नेपाल की किशोरियों व महिलाओं ने पूर्व मे मैच खेले, गत दीनों रंजना वर्मा की स्मृति मे महिला फुटबालल टूर्नामेंट सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ जिसमे अररिया टाउन क्लब के सदस्यों, अनुमंडल पदाधिकारी,  एवं जिलाधिकारी व आरक्षी अधीक्षक का सहयोग स्मरणीय रहेगा।

Posted in Sports | Tagged: | Leave a Comment »

अररिया जिला क्रिकेट में गोपेश सिन्हा का योगदान

Posted by Sulabh on March 17, 2015

गोपेश सिन्हा पहले व्यक्ति हुए जिन्होंने क्रिकेट प्रशिक्षण प्राप्त कर स्थानीय खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया. इनके प्रशिक्षण का यह असर हुआ कि अखिल भारतीय सुखदेव नारायण मेमोरियल पटना के 14वीं प्रतियोगिता में चन्दन कुमार गुप्ता आलराउंडर को बेस्ट बॉलर का पुरस्कार पूर्व स्टार क्रिकेटर मोहिंदर अमरनाथ एवं अजय जडेजा के द्वारा प्राप्त हुआ. उसी वर्ष जमशेदपुर टाटा में श्यामल सिन्हा ट्रोफी (U16) एकीकृत बिहार B.C.A. प्रतियोगिता में अररिया की टीम उपविजेता हुयी. इस प्रतियोगिता में धनबाद, पटना, कटिहार, साहेबगंज पर अररिया जिला की टीम ने विजय प्राप्त की थी. यह ऐतिहासिक उपलब्धि है. इसके अलावा अररिया कालिज अररिया अंतर महाविद्यालय मधेपुरा क्रिकेट प्रतियोगिता में लगातार चार बार विजेता रही है.

वर्तमान में अररिया समाहरणालय जहाँ अवस्थित है वह अररिया क्रिकेट क्लब का मैदान हुआ करता था जहाँ सत्तर और अस्सी के दशक में कोलकाता निवासी श्री मूर्तिलाल रॉय जो बंगाल और आसाम से रणजी ट्रोफी प्रतियोगिता में प्रतिनिधित्व किया करते थे उन्हें अररिया क्रिकेट क्लब के सौजन्य से अररिया बुलाया गया था और उन्होंने उस क्लब के खिलाड़ियों देवब्रत चौधरी (कुटू दा) कप्तान, गोपेश सिन्हा, प्रवीर सान्याल (मन्टो दा) सुबोध वर्मा (विकेटकीपर), स्व० किशोर रॉय, रंजन सिंह आदि खिलाडियों को बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग का प्रशिक्षण दिया करते थे. उन्ही के शिष्य गोपेश सिन्हा ने जिला क्रिकेट संघ की स्थापना के बाद अपने एक सरकारी पदाधिकारी श्री कामेश्वर प्र० सिंह के मदद से पुनः अररिया क्रिकेट क्लब (A.C.C.) की स्थापना 1995 में कर क्रिकेट के स्तर को उठाने का महती कार्य शुरू किया. ए.सी.सी. ग्राउंड पर सुबह और शाम के सत्रों में  प्रशिक्षण देना आरम्भ किया. और फिर अररिया में पहली बार प्रशिक्षित क्रिकेटरों का खेल रंग लाने लगा. श्री सिन्हा द्वारा प्रशिक्षित खिलाडियों की संख्या गिनाई नहीं जा सकती किन्तु रविशंकर, अनामिशंकर, राजीव मिश्रा, विवेक सिन्हा, अनिश सिंह, विवेक प्रकाश, विकास प्रकाश, संजीव सिंह, गोपाल झा, मुकेश रजक, सुशील रॉय, अजय राम, अमित सेनगुप्ता, चन्दन गुप्ता आदि प्रमुख हैं जिन्होंने अररिया से पटना, धनबाद, जमशेदपुर, खगड़िया, पूर्णियां और कटिहार के क्रिकेट में अपना विशिष्ट पहचान बनाया.

गोपेश सिन्हा आज भी छोटे बच्चों को प्रशिक्षण देते देखे जा सकते हैं. क्रिकेट की चर्चा पर वे दुखी होकर कहते हैं कि आज बिहार क्रिकेट की दुर्गति के कई कारण हैं वो छिपी बात नहीं है, किन्तु सबसे अहम बात यह है कि बगैर प्रशिक्षण के स्तरीय क्रिकेट युवा खेल ही नहीं सकते और बिहार में प्रशिक्षण की कोई व्यवस्था नहीं है. आप बिहार क्रिकेट का इतिहास देख लें  कोई बल्लेबाज ऐसा नहीं जो शतकों की झड़ी लगा दे और गेंदबाजी में विकटों का ढेर लगा दे. नियमित प्रशिक्षण के अभाव में आप बड़े क्रिकेटर नहीं बन सकते. इसके लिए आपको प्रशिक्षण के कठिन दौर से गुजरना होगा.

Posted in Sports | Tagged: , , | Leave a Comment »